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एक 9 साल का बच्चा आइस-क्रीम की दुकानं पर जाता है.
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वेटर – तुम्हे क्या चाहिये?
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छोटा बच्चा – मुझे आइस-क्रीम लेने के लिए कितने पैसे देने होंगे ?
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वेटर – 15 रुपये/-
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तभी उस छोटे बच्चे ने अपना पॉकेट चेक किया
और किसी छोटे कोण की कीमत पूछी?
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तभी परेशान वेटर ने गुस्से में कहा – 12 रुपये/-
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तभी लड़ने ने छोटा कोण देने को कहा, उसे लिया, बिल के पैसे दिए और वहा से चला गया.
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और जब वेटर खाली प्लेट उठाने आया तब अचानक ही उसके आँखों से आसू आने लगे.
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उस छोटे से बच्चे ने उस वेटर के लिए वहा 3 रुपये टिप के रूप में रखे थे.
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“आपके पास जितना है उसमे से थोडा किसी और को देकर दूसरो को भी खुश करने की कोशिश कीजिये.”
यही जीवन है.

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इस प्रेरणादायक कहानी से सीख / Moral From Hindi Motivation Story :-

ऐसा नहीं है की उस छोटे बच्चे के पास 15 रुपये नहीं थे, उसके पास पार्यप्त पैसे होने के बाद भी उसने अपने लिए छोटा कोण लिया और 3 रुपये टिप देकर उस वेटर को खुश किया. जब हम जीवन में हमारे साथ-साथ हमारे आस पास के लोगो की ख़ुशी के बारे में भी सोचते है तभी हमारा जीवन सही मायने में जीवन कहलाने योग्य है. अपनी ख़ुशी के लिए तो हर कोई काम करता है लेकिन महान वही कहलाता है जो दुसरो की ख़ुशी के बारे में सोचता है.

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