19.50K Views Comments

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

एक घर में एक बेटी ने जनम लिया, जन्म होते ही माँ का स्वर्गवास हो गया। बाप ने बेटी को गले से लगा लिया। रिश्तेदारों ने लड़की के जन्म से ही ताने मारने शुरू कर दिए कि पैदा होते ही माँ को खा गयी मनहूस। पर बाप ने कुछ नही कहा अपनी बेटी को, बेटी का पालन पोषण शुरू किया, खेत में काम करता और बेटी को भी खेत ले जाता, काम भी करता और भाग कर बेटी को भी संभालता।

रिश्तेदारों ने बहुत समझाया के दूसरा विवाह कर लो पर बाप ने किसी की नही सुनी और पूरा धयान बेटी की और रखा। बेटी बड़ी हुयी स्कूल गयी फिर कॉलेज। हर क्लास में फर्स्ट आयी। बाप बहुत खुश होता लोग बधाइयाँ देते।
बेटी अपने बाप के साथ खेत में काम करवाती, फसल अच्छी होने लगी, रिश्तेदार ये सब देख कर चिढ़ गए। जो उसको मनहूस कहते थे वो सब चिढ़ने लग गए।

Read this?   Short Story told by Baba Ji during Satsang

लड़की एक दिन अच्छा पढ़ लिख कर पुलिस में SP बन गयी।
एक दिन किसी मंत्री ने उसको सम्मानित करने का फैसला लिया और समागम का बंदोबस्त करने के आदेश दिए। समागम उनके ही गाँव में रखा गया। मंत्री ने समागम में लोगों को समझाया के बेटा बेटी में फर्क नही करना चाहिए, बेटी भी वो सभ कर सकती है जो बेटा कर सकता है।

भाषण के बाद मंत्री ने लड़की को स्टेज पर बुलाया और कुछ कहने को कहा। लड़की ने माइक पकड़ा और कहा-
मैं आज जो भी हूं अपने बाबुल(पिता) की वजह से हूं जो लोगो के ताने सह कर भी मुझे यहाँ तक ले आये। मेरे पालन पोषण के लिए दिन रात एक कर दिया। मैंने माँ नहीं देखी और न ही कभी पिता से कहा के माँ कैसी थी, क्योकि अगर में पूछती तो बाप को लगता के शायद मेरे पालन पोषण में कोई कमी रह गयी।

Read this?   उन्होंने कहा, "मैंने भगवान के साथ दोपहर का भोजन किया था" एक रोचक कहानी

मेरे लिये मेरे पिता से बढ़ कर कुछ नही। बाप सामने लोगो में बैठ कर आंसू बहा रहा था। बेटी की भी बोलते बोलते आँखे भर आयी।उसने मंत्री से पिता को स्टेज पर बुलाने की अनुमति ली। बाप स्टेज पर आया और बेटी को गले लगाकर बोला-
रोती क्यों है बेटी तुं तो मेरा शेर पुत्तर है। तुं ही कमजोर पड़ गया तो मेरा क्या होगा मैंने तुझको सारी उम्र हँसते देखना है।

Read this?   चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी दिखती... एक रोचक कहानी

बाप बेटी का प्यार देखकर सब की आँखे नम हो गयी। मंत्री ने बेटी के गले में सोने का मेडल डाला। लड़की ने मैडल उतार कर बाप के गले में डाल दिया। मंत्री ने बोला ये क्या किया तो लड़की बोली मैडल को उसकी सही जगह पहुँचा दिया। इसके असली हक़दार मेरे पिता जी हैं। समागम में तालियाँ बज उठी।

विनती है ये उन लोगों के लिए सबक है जो बेटियों को चार दिवारी में रखना पसंद करते हैं पर ये फूल बाहर खिलेंगे अगर आप पानी लगाकर इन फूलों की सँभाल करोगे।

धन्यवाद???

Please share this Story/Video on: