9.72K Views0 Comments

बहुत पुरानी कथा है।

एक बार एक गुरुजी ने अपने सभी शिष्यों से अनुरोध किया कि वे कल प्रवचन में आते समय अपने साथ एक थैली में बड़े-बड़े आलू साथ लेकर आएं।

उन आलुओं पर उस व्यक्ति का नाम लिखा होना चाहिए, जिससे वे नफरत करते हैं।

जो शिष्य जितने व्यक्तियों से घृणा करता है, वह उतने आलू लेकर आए।

Read this?   उस कागज को पढ़ते ही माँ कि आँखों से आँसू बहने लगे - एक दिलचस्प कहानी

अगले दिन सभी शिष्य आलू लेकर आए।

किसी के पास चार आलू थे तो किसी के पास छह।

गुरुजी ने कहा कि अगले सात दिनों तक ये आलू वे अपने साथ रखें।

जहां भी जाएं, खाते-पीते, सोते-जागते, ये आलू सदैव साथ रहने चाहिए

शिष्यों को कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन वे क्या करते, गुरुजी का आदेश था।

दो-चार दिनों के बाद ही शिष्य आलुओं की बदबू से परेशान हो गए।

Read this?   गारंटीड, आपकी सोच को बदल देगी ये सच्ची कहानी

जैसे-तैसे उन्होंने सात दिन बिताए और गुरुजी के पास पहुंचे।

सबने बताया कि वे उन सड़े आलुओं से परेशान हो गए हैं।

गुरुजी ने कहा- यह सब मैंने आपको शिक्षा देने के लिए किया था।

जब सात दिनों में आपको ये आलू बोझ लगने लगे, तब सोचिए कि आप जिन व्यक्तियों से नफरत करते हैं, उनका कितना बोझ आपके मन पर रहता होगा।

Read this?   संत को यकीं था कि एक दिन भगवान श्री कृष्ण मुझे साक्षात् दर्शन जरूर देंगे

यह नफरत आपके मन पर अनावश्यक बोझ डालती है, जिसके कारण आपके मन में भी बदबू भर जाती है, ठीक इन आलुओं की तरह।

इसलिए अपने मन से गलत भावनाओं को निकाल दो, यदि किसी से प्यार नहीं कर सकते तो कम से कम नफरत तो मत करो।