Tag: babaji stories

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सडक के किनारे बनी झोपडी में वह बूढी माँ अपने बच्चे के साथ… एक प्रेणादायक कहानी

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जनवरी की सर्द भरी रात थी सडक पर चारो तरफ सन्नाटा फैला हुआ था दूर दूर तक कोई नजर नही आ रहा था बीच बीच में सिर्फ कुत्तो के भौकने की आवाज़ आती थी जो की सडक की सन्नाटे को बीच बीच में चिर रही थी लेकिन सडक के किनारे बनी झोपड...

माँ ने सोच कर उत्तर दिया – “बेटा” हिसाब ज़रा लम्बा है, सोच कर बताना पडेगा

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एक बेटा पढ़-लिख कर बहुत बड़ा आदमी बन गया। पिता के स्वर्गवास के बाद माँ ने हर तरह का काम करके उसे इस काबिल बना दिया था। शादी के बाद पत्नी को माँ से शिकायत रहने लगी के वो उन के स्टेटस मे फिट नहीं है। लोगों को बताने मे उ...

बाबाजी ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सत्संग शुरू की – एक प्रेणादायक कहानी

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  बाबाजी ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सत्संग शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो गए. फिर बाबाजी ने कहा ,” मैं इस नोट को आपमें ...

बाबा, मेरा पति मुझसे बहुत प्रेम करता था , लेकिन वह जबसे युद्ध से लौटा है ठीक से बात तक नहीं करता – एक दिलचस्प कहानी

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बहुत समय पहले की बात है , एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहता था. वह बड़ा ज्ञानी था और उसकी बुद्धिमत्ता की ख्याति दूर -दूर तक फैली थी. एक दिन एक औरत उसके पास पहुंची और अपना दुखड़ा रोने लगी , ” बाबा, मेर...

पापा, क्या मैं आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ ? एक प्रेणादायक कहानी

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एक  व्यक्ति  office में देर  रात तक काम  करने  के  बाद  थका -हारा घर  पहुंचा  . दरवाजा  खोलते  ही  उसने  देखा  कि  उसका  पांच  वर्षीय  बेटा  सोने  की  बजाये  उसका  इंतज़ार  कर  रहा  है . अन्दर  घुसते  ही  बेटे  ने ...

आलस्य को त्यागकर श्रम करने की सीख देती एक प्रेणादायक कहानी

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एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन  वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की ...

लोभ का फंदा जिसके गले में एक बार पड़ा वह मुश्किल से ही निकल पाता है – एक दिलचस्प कहानी

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एक धनी व्यक्ति दिन-रात अपने व्यापारिक कामों में लगा रहता था। उसे अपने स्त्री-बच्चों से बात करने तक की फुरसत नहीं मिलती थी। पड़ोस में ही एक मजदूर रहता था जो एक रुपया रोज कमाकर लाता और उसी से चैन की वंशी बजाता। रात को वह...

मैं चाहूँ तो आपकी इज्जत एक मिनट में बिगाड़ भी सकती हूँ और बना भी सकती हूँ

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  एक पति-पत्नी में तकरार हो गयी —पति कह रहा था : “मैं नवाब हूँ इस शहर का लोग इसलिए मेरी इज्जत करते है और तुम्हारी इज्जत मेरी वजह से है।” पत्नी कह रही थी : “आपकी इज्जत मेरी वजह से है। मैं चाहूँ तो आपकी इज्जत ए...