Tag: radha soami story

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बाबा भला ऐसा क्यों हुआ कि हमारे नाचने से बारिस नहीं हुई और आपके नाचने से हो गयी ? एक प्रेणादायक कहानी

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किसी गाँव मे एक बाबाजी रहा करता था ,वो जब भी नाचता तो बारिस होती थी . अतः गाव के लोगों को जब भी बारिस की जरूरत होती थी ,तो वे लोग साधु के पास जाते और उनसे अनुरोध करते की वे नाचे , और जब वो नाचने लगता तो बारिस ज़रूर हो...

बाबाजी ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सत्संग शुरू की – एक प्रेणादायक कहानी

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  बाबाजी ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सत्संग शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो गए. फिर बाबाजी ने कहा ,” मैं इस नोट को आपमें ...

गुरु जी का शिष्यों को आखिरी उपदेश – एक प्रेणादायक कहानी

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गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों  में आज काफी उत्साह था , उनकी बारह वर्षों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और अब वो अपने घरों को लौट सकते थे . गुरु जी भी अपने शिष्यों की शिक्षा-दीक्षा से प्रसन्न थे और गुरुकुल की...

पापा, क्या मैं आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ ? एक प्रेणादायक कहानी

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एक  व्यक्ति  office में देर  रात तक काम  करने  के  बाद  थका -हारा घर  पहुंचा  . दरवाजा  खोलते  ही  उसने  देखा  कि  उसका  पांच  वर्षीय  बेटा  सोने  की  बजाये  उसका  इंतज़ार  कर  रहा  है . अन्दर  घुसते  ही  बेटे  ने ...

आलस्य को त्यागकर श्रम करने की सीख देती एक प्रेणादायक कहानी

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एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन  वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की ...

सत्संग की संगत – बीबी अचरज और हैरानी से बाबा जी को देखती हैं एक दिलचस्प कहानी

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सत्संग खत्म होने के बाद बाबा जी स्टेज के पीछे सीढियों से नीचे जा रहे थे, साथ में पाठी बीबी भी थे, पाठी बीबी बाबा जी से कहती हैं “बाबा जी आज तो काफी संगत आई है भंडारे पे, जरा अंदाज़े से बताइए की आज का सत्संग सुनने के ल...

उसे देख महात्मा झट से खड़े हुए और एक खम्भे को कस कर पकड़ लिया – एक दिलचस्प कहानी

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एक समय शराब का एक व्यसनी एक संत के पास गया और विनम्र स्वर में बोला, 'गुरूदेव, मैं इस शराब के व्यसन से बहुत ही दुखी हो गया हूँ। इसकी वजह से मेरा घर बरबाद हो रहा है। मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं, किन्तु मैं शराब के बगैर न...

लोभ का फंदा जिसके गले में एक बार पड़ा वह मुश्किल से ही निकल पाता है – एक दिलचस्प कहानी

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एक धनी व्यक्ति दिन-रात अपने व्यापारिक कामों में लगा रहता था। उसे अपने स्त्री-बच्चों से बात करने तक की फुरसत नहीं मिलती थी। पड़ोस में ही एक मजदूर रहता था जो एक रुपया रोज कमाकर लाता और उसी से चैन की वंशी बजाता। रात को वह...

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