Tag: rssbeas story

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कमजोर बनाने वाली हर एक आवाज को अनसुना करें – एक प्रेणादायक कहानी

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एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने की प्रतियोगिता हुई. बहुत लोगों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी. माहौल  में  सरगर्मी थी , हर तरफ शोर ही शोर था. प्रतियोगियों ने चढ़ना शुरू किय...

बेटे ने कहा, “नहीं सर, मैंने कुछ भी नहीं छोड़ा है” – एक रोचक कहानी

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A son took his old father to a restaurant for an evening dinner.  Father being very old and weak, while eating, dropped food on his shirt and trousers.  Other diners watched him in disgust while his son was calm. A...

एक लड़के के लिए माँ का प्यार – एक प्रेणादायक कहानी

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One day Thomas Edison came home and gave a paper to his mother. He told her, “My teacher gave this paper to me and told me to only give it to my mother.” His mother’s eyes were tearful as she read the letter out loud ...

उन्होंने कहा, “मैंने भगवान के साथ दोपहर का भोजन किया था” एक रोचक कहानी

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There once was a little boy who wanted to meet God. He knew it was a long trip to where God lived, so he packed his suitcase with Twinkies and a six-pack of root beer and started his journey. When he had gone about th...

चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी दिखती… एक रोचक कहानी

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सन्तों की अपनी ही मौज होती है! एक संत अपने शिष्य के साथ किसी अजनबी नगर में पहुंचे। रात हो चुकी थी और वे दोनों सिर छुपाने के लिए किसी आसरे की तलाश में थे। उन्होंने एक घर का दरवाजा खटखटाया, वह एक धनिक का घर था और अंदर स...

तुमने अपना वादा तोड़ा है , अब मैं हर रोज तुम्हे परेशान करने आउंगी – एक रोचक कहानी

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एक आदमी की पत्नी अचानक से बहुत बीमार पड़ गयी . मरने से पहले उसने अपने पति से कहा , “ मैं तुम्हे बहुत प्यार करती हूँ …. तुम्हे छोड़ कर नहीं जाना चाहती… मैं नहीं चाहती की मेरे जाने के बाद तुम मुझे भुला दो और किसी दूसरी और...

एक प्रेणादायक कहानी मुफ्त अनारों की कीमत नहीं समझी – Motivation Story

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एक समय की बात है। एक शहर में एक धनी आदमी रहता था। उसकी लंबी-चौड़ी खेती-बाड़ी थी और वह कई तरह के व्यापार करता था। बड़े विशाल क्षेत्र में उसके बगीचे फैले हुए थे, जहां पर भांति-भांति के फल लगते थे। उसके कई बगीचों में अन...

बाबा जी ने पीछे देखा और सत्संगी से पूछा – एक प्रेणादायक कहानी

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एक हिन्दू सन्यासी अपने शिष्यों के साथ गंगा नदी के तट पर नहाने पहुंचा. वहां एक ही परिवार के कुछ लोग अचानक आपस में बात करते-करते एक दूसरे पर क्रोधित हो उठे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे . संयासी यह देख तुरंत पलटा और अपन...