31.34K Views0 Comments

 

बाबाजी ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सत्संग शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो गए.

फिर बाबाजी ने कहा ,” मैं इस नोट को आपमें से किसी एक को दूंगा पर  उससे पहले मुझे ये कर लेने दीजिये .” और बाबाजी ने नोट को अपनी मुट्ठी में चिमोड़ना शुरू कर दिया. और  फिर बाबाजी ने पूछा,” कौन है जो अब भी यह नोट लेना चाहता है?” अभी भी लोगों के हाथ उठने शुरू हो गए.

Read this?   जैसा अन्न वैसा मन - Jaisa Ann waisa mann Short Inspiration Story rssbeas babaji

“अच्छा” बाबाजी ने कहा,” अगर मैं ये कर दूं ? ” और बाबाजी ने नोट को नीचे गिराकर पैरों से कुचलना शुरू कर दिया. बाबाजी ने नोट उठाई , वह बिल्कुल चिमुड़ी और गन्दी हो गयी थी.

” क्या अभी भी कोई है जो इसे लेना चाहता है?”. और एक  बार  फिर हाथ उठने शुरू हो गए.

” दोस्तों  , आप लोगों ने आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पाठ सीखा है. मैंने इस नोट के साथ इतना कुछ किया पर फिर भी आप इसे लेना चाहते थे क्योंकि ये सब होने के बावजूद नोट की कीमत घटी नहीं,उसका मूल्य अभी भी 500 था.

Read this?   आलस्य को कैसे दूर करे?

जीवन में कई बार हम गिरते हैं, हारते हैं, हमारे लिए हुए निर्णय हमें मिटटी में मिला देते हैं. हमें ऐसा लगने लगता है कि हमारी कोई कीमत नहीं है. लेकिन आपके साथ चाहे जो हुआ हो या भविष्य में जो हो जाए , आपका मूल्य कम नहीं होता. आप स्पेशल हैं, इस बात को कभी मत भूलिए.

कभी भी बीते हुए कल की निराशा को आने वाले कल के सपनो को बर्बाद मत करने दीजिये. याद रखिये आपके पास जो सबसे कीमती चीज है, वो है आपका जीवन.”

Read this?   भगवान ने उसके पास जाकर कहा - मैं तुम्हें बचाना चाहता हूं

——————————————–

Note: The inspirational story shared here is not my original creation, I have read it before and I am just providing a Hindi version of the same.