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बाबाजी इन दोनों तोतों के व्यवहार में आखिर इतना अंतर कयों है?

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एक बार एक राजा शिकार के उद्देश्य से अपने काफिले के साथ किसी जंगल से गुजर रहा था | दूर दूर तक शिकार नजर नहीं आ रहा था, वे धीरे धीरे घनघोर जंगल में प्रवेश करते गए | अभी कुछ ही दूर गए थे की उन्हें कुछ डाकुओं के छिपने की ...

चरणों की छाप से किस्मत पलट जाती है

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चरणों की छाप से किस्मत पलट जाती है….. सन्त महापुरुषों की शरण संगति में आने से उनके पावन सत्संग से जीव की किस्मत सँवर जाती है। एक बार दशम पादशाही श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का दरबार सजा हुआ था कर्म फल के प्रसंग पर पाव...

एक दिलचस्प कहानी – भगवान! गृहस्थ बड़ा है या संन्यास?

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  किसी नगर में एक राजा रहता था, उस नगर में जब कोई संन्यासी आता तो राजा उसे बुलाकर पूछता कि- ”भगवान! गृहस्थ बड़ा है या संन्यास?” अनेक साधु अनेक प्रकार से इसको उत्तर देते थे। कई संन्यासी को बड़ा तो बताते पर यद...

अगर भगवान पर विश्वास करते है तो हमें हर पल उनकी अनुभूति होती है- Motivational Story

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एक बार एक व्यक्ति नाई की दुकान पर अपने बाल कटवाने गया| नाई और उस व्यक्ति के बीच में ऐसे ही बातें शुरू हो गई और वे लोग बातें करते-करते “भगवान” के विषय पर बातें करने लगे| तभी नाई ने कहा – “मैं भगवान (Bhagwan) के अस्त...

मैं चाहूँ तो आपकी इज्जत एक मिनट में बिगाड़ भी सकती हूँ और बना भी सकती हूँ

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  एक पति-पत्नी में तकरार हो गयी —पति कह रहा था : “मैं नवाब हूँ इस शहर का लोग इसलिए मेरी इज्जत करते है और तुम्हारी इज्जत मेरी वजह से है।” पत्नी कह रही थी : “आपकी इज्जत मेरी वजह से है। मैं चाहूँ तो आपकी इज्जत ए...

क्या आप भी भगवान पर हँसते है ? – एक दिलचस्प कहानी

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  ऋषि अष्टावक्र का शरीर कई जगह से टेढ़ा-मेढ़ा था इसलिए वे अच्छे नहीं दिखते थे। एक दिन जब ऋषि अष्टावक्र राजा जनक की सभा में पहुंचे तो उन्हें देखते ही सभा के सभी सदस्य हंस पड़े। ऋषि अष्टावक्र सभा के सदस्यों को ह...

उसे देख महात्मा झट से खड़े हुए और एक खम्भे को कस कर पकड़ लिया – एक दिलचस्प कहानी

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एक समय शराब का एक व्यसनी एक संत के पास गया और विनम्र स्वर में बोला, 'गुरूदेव, मैं इस शराब के व्यसन से बहुत ही दुखी हो गया हूँ। इसकी वजह से मेरा घर बरबाद हो रहा है। मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं, किन्तु मैं शराब के बगैर न...

लोभ का फंदा जिसके गले में एक बार पड़ा वह मुश्किल से ही निकल पाता है – एक दिलचस्प कहानी

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एक धनी व्यक्ति दिन-रात अपने व्यापारिक कामों में लगा रहता था। उसे अपने स्त्री-बच्चों से बात करने तक की फुरसत नहीं मिलती थी। पड़ोस में ही एक मजदूर रहता था जो एक रुपया रोज कमाकर लाता और उसी से चैन की वंशी बजाता। रात को वह...