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द्वार खुला होने के कारण उनकी आवाजें बाहर कमरे में बैठी माँ को भी सुनाई दे रहीं थीं…

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बेटा-बहु अपने बैडरूम में बातें कर रहे थे। द्वार खुला होने के कारण उनकी आवाजें बाहर कमरे में बैठी माँ को भी सुनाई दे रहीं थीं। बेटा---" अपने job के कारण हम माँ का ध्यान नहीं रख पाएँगे, उनकी देखभाल कौन करेगा ? क...

बेटे ने कहा, “नहीं सर, मैंने कुछ भी नहीं छोड़ा है” – एक रोचक कहानी

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A son took his old father to a restaurant for an evening dinner.  Father being very old and weak, while eating, dropped food on his shirt and trousers.  Other diners watched him in disgust while his son was calm. A...

मैं खुद पर शर्मिंदा हूँ और आपसे क्षमा मांगना चाहता हूँ – एक प्रेणादायक कहानी

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?बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक किसान रहता था . वह रोज़ भोर में उठकर दूर झरनों से स्वच्छ पानी लेने जाया करता था . इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले जाता था , जिन्हें वो डंडे में बाँध कर अपने कंधे प...

पापा, क्या मैं आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ ? एक प्रेणादायक कहानी

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एक  व्यक्ति  office में देर  रात तक काम  करने  के  बाद  थका -हारा घर  पहुंचा  . दरवाजा  खोलते  ही  उसने  देखा  कि  उसका  पांच  वर्षीय  बेटा  सोने  की  बजाये  उसका  इंतज़ार  कर  रहा  है . अन्दर  घुसते  ही  बेटे  ने ...

तुमने अपना वादा तोड़ा है , अब मैं हर रोज तुम्हे परेशान करने आउंगी – एक रोचक कहानी

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एक आदमी की पत्नी अचानक से बहुत बीमार पड़ गयी . मरने से पहले उसने अपने पति से कहा , “ मैं तुम्हे बहुत प्यार करती हूँ …. तुम्हे छोड़ कर नहीं जाना चाहती… मैं नहीं चाहती की मेरे जाने के बाद तुम मुझे भुला दो और किसी दूसरी और...

सत्संग की संगत – बीबी अचरज और हैरानी से बाबा जी को देखती हैं एक दिलचस्प कहानी

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सत्संग खत्म होने के बाद बाबा जी स्टेज के पीछे सीढियों से नीचे जा रहे थे, साथ में पाठी बीबी भी थे, पाठी बीबी बाबा जी से कहती हैं “बाबा जी आज तो काफी संगत आई है भंडारे पे, जरा अंदाज़े से बताइए की आज का सत्संग सुनने के ल...

अब वह किसी भी तरह सास से छुटकारा पाने की सोचने लगी – एक दिलचस्प कहानी

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"एक चुटकी ज़हर रोजाना"   पोस्ट अच्छा लगे तो प्लीज शेयर करना मत भूलना आरती नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी। कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के ...

नेक काम – यमराज हाथ पकड़कर खींचने लगा…

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**************** लघुकथा  **************** नेक काम कई बार आवाज लगाने के बाद भी श्रीमती जी ने चाय नहीं दी । देखा छः बज गए हैं । आँखे मलते हुए मैं उठ बैठा । अरे यह क्या ? घर लोगों से भरा था ! एक सफेद चद्दर उढ़ा , किसी क...